Raipur News: भारतमाला घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 12.78 करोड़ की संपत्तियां जब्त, 14 आरोपी कोर्ट पहुंचे

Raipur News: भारतमाला घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 12.78 करोड़ की संपत्तियां जब्त, 14 आरोपी कोर्ट पहुंचे

August 2, 2026 Off By admin
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Raipur News: रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम नेशनल हाईवे के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 12.78 करोड़ रुपये मूल्य की 62 चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इन संपत्तियों में लगभग 4.69 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश भी शामिल हैं। ईडी का आरोप है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थीं या उसके समकक्ष मूल्य की हैं।

रायपुर स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने 31 जुलाई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी करते हुए यह कार्रवाई की। एजेंसी के अनुसार, भूमि अधिग्रहण मुआवजा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया, जिसे बाद में विभिन्न निवेशों और संपत्तियों में लगाया गया।

14 लोगों के खिलाफ अतिरिक्त अभियोजन शिकायत

ईडी ने इस मामले में जय प्रकाश गांधी सहित 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ रायपुर की विशेष PMLA अदालत में अतिरिक्त अभियोजन शिकायत (Supplementary Prosecution Complaint) भी दाखिल की है। एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने कथित रूप से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में गड़बड़ी कर सरकारी मुआवजे का अनुचित लाभ उठाया और बाद में उस धन को विभिन्न वित्तीय माध्यमों में निवेश किया।

EOW-ACB की FIR के बाद शुरू हुई जांच

इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर क्रमांक 30/2025 के आधार पर शुरू की गई थी। यह मामला अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व)/CALA निर्भय साहू और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया था। बाद में मामले में विशेष अदालत में चार्जशीट भी पेश की गई।

जमीन खरीदकर फर्जी बंटवारे से बढ़ाया गया मुआवजा

जांच में सामने आया कि कुछ भूमि मालिकों और निजी व्यक्तियों ने कथित रूप से जमीन दलालों तथा राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन खरीदी। इसके बाद अधिक मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से जमीन का छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजन कर परिवार के सदस्यों के नाम पर बिक्री और दान विलेख के जरिए हस्तांतरण किया गया।

ईडी के अनुसार, जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को लगभग 56.76 लाख रुपये के वैध अधिकार के बदले करीब 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला, जिससे लगभग 9.27 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई हुई। जांच में यह भी सामने आया कि इस राशि को अचल संपत्तियों, शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों में लगाया गया।

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

जांच एजेंसी ने बताया कि 3 जून 2026 को जय प्रकाश गांधी को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले की गई तलाशी कार्रवाई में 49 लाख रुपये नकद और लगभग 89.80 लाख रुपये मूल्य की 37,133 ग्राम चांदी जब्त की गई थी। इसके अलावा कथित जमीन दलाल सिंडिकेट से जुड़ी 23.35 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी पहले कुर्क की जा चुकी हैं।

नई कार्रवाई के बाद इस मामले में ईडी द्वारा अब तक कुल लगभग 36.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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